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अब नहीं देने होंगे सब जगह आधार नंबर

१० जनवरी २०१८ को Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने आधार डेटा को सुरक्षित रखने के लीये महत्वपूर्ण निर्णय लिया है | अब आपको KYC के लीये सब जगह अपना आधार नंबर नही देना पड़ेगा |

मार्च २०१८ से आप KYC के लीये अपने आधार नंबर की जगह एक “Virtual ID (VID)” नंबर दे सकेंगे जो की आपके आधार का लिमिटेड डाटा ही उस सर्विस प्रोवाइडर के साथ शेयर करेगा |

» क्या है ‘Virtual ID (VID)’ ?

‘Virtual ID (VID)’ एक १६ अंको का नंबर होगा, जिसे आप KYC में आधार नंबर के बदले दे सकेंगे, जेसेकी टेलिकॉम प्रोवाइडर्स को | इससे उन कंपनियों को उतना ही डेटा मिलेगा जितना की उसे चाहिए , जैसेकी नाम, एड्रेस और फोटोग्राफ |

» ‘Virtual ID (VID)’ के फायदे क्या है ?

‘Virtual ID (VID)’ से उस कंपनियों को आपका उतना ही डेटा मिलेगा जितनाकी उसे जरुरत हो | उससे आपका दूसरा डेटा सुरक्षित रहता है और किसीको डेटा लिक नहीं होता | आप गवर्मेन्ट एजेंसी और इनकम टैक्स विभाग को भी आधार नंबर की जगह ‘Virtual ID (VID)’ दे सकेंगे |

» ‘Virtual ID (VID)’ कहासे प्राप्त करे ?

किसी भी आधार कार्ड धारक ‘Virtual ID (VID)’ UIDAI की वेबसाइट या आधार मोबाइल ऐप से या फिर Enrolment Centres से जनरेट कर सकता है | आप जितनी बार चाहे VID जनरेट कर सकते है, जब आप नयी VID जनरेट करेंगे तो पुरानी वाली आटोमेटिक रद्द हो जाएगी |

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