सोमवार, नवम्बर 19Important Information

जानिए प्रत्येक भारतीय के लिए 26 जनवरी का दिन क्यों खास है – गणतंत्र दिवस

दोस्तों, हम सभी जानते हैं कि २६ जनवरी १९५० के दिन हमारा देश गणतंत्र हुआ। उसका इतिहास जेसे की १५ अगस्त १९४७ और २६ जनवरी १९५० के बिच क्या हुआ था, और कैसे हमारा संविधान अस्तित्व में आया ? उसकी थोड़ी जानकारी यहा दी गई है।

१५ अगस्त १९४७ को हमारा देश अंग्रेजो के शासन से मुक्त हो कर आजाद हुआ, लेकिन देश को चलाने के लीये कोई नीति-नियम, कायदे या स्थायी संविधान नही था। उस समय गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया ऐक्ट १९३५ के अनुसार और उस समय के गवर्नर लोर्ड माउन्ट बेटन देश का कारोबार सँभालते थे।

२९ अगस्त १९४७ को स्थायी संविधान बनाने के लीये एक समिति बनाई गई ओर उसके अध्यक्ष डॉ. आम्बेडकर  को चुना गया। उस समिति द्वारा संविधान के मुद्दों को तैयार कर ४ नवंबर १९४७ को उन मुद्दों को संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था। संविधान के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उन मुद्दों को स्वीकार करने से पहले, संविधान सभा का एक सार्वजनिक सत्र मिला। यह सत्र २ साल ११ महीने ओर १८ दिन तक चला। इस सत्र में विचार-विमर्श ओर आवश्यक सुधार के बाद २४ जनवरी १९५० को संविधान को दो भाषाओं हिंदी एवं अंग्रेजी में बनाया गया। तारीख २६ जनवरी १९५० को संविधान का अमल शुरू हुआ। और राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने।

भारत का यह संविधान दुनिया के सभी देशों के संविधान से सबसे बड़ा लिखित संविधान है। २६ जनवरी १९५० भारत के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण दिन है, सही मायने में २६ जनवरी १९५० को भारत एक पूर्ण लोकतांत्रिक देश बना। हमारे देश के लाखों क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों जिसने देश को ब्रिटिश राज से मुक्त करने में अपना पूरा जीवन बिताया ऐसे वीर जवानो का सपना साकार हुआ था।

Also Read:  जनसंख्या के अनुसार सभी देशों की सूची - UN के अनुसार - विश्व की जनसंख्या

तब से, हर साल २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में पुरे देश में मनाया जाता है। विशेष रूप से इस दिन देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रध्वज लहराया जाता है और सभी शहीदों को श्रधांजलि दी जाती हैं। और भारतीय सेना के शहीदों के परिवार को पुरस्कार दे कर सन्मानित किये जाते है। देश के नागरिक जिन्होंने बहादुरी के कार्य किए हो उनको भी पुरस्कार दे कर सन्मानित किये जाते है।

 

२६ जनवरी के दिन को भारत के लोग खूब उत्साह से मनाके देश के शहीदों को याद करके सलामी देते है। साथ ही इस दिन के महत्व को दिखाने के लिए भारत की राजधानी दिल्ली में भारतीय सेना की सभी तीन शाखाएं और भारतीय संस्कृति की प्रदर्शित करती भव्य परेड भी आयोजित की जाती है।

Find this Article helpful then Share With Your Friends

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

4 × four =