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भारत के अबतक के सभी प्रधान मंत्री की सूचि और उनकी संक्षिप्त जानकारी 2019

 प्रधान मंत्री:- भारत देश १९४७ में स्वतंत्र हुआ और जवाहरलाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधान मंत्री बने। तब से अबतक बहुत से महान व्यक्ति भारत के प्रधान मंत्री रहे हैं। जिनके नाम, जन्म-मृत्यु, शासनकाल और संक्षिप्त जानकारी की सूची इस प्रकार है:

नोट: कार्यकारी प्रधानमंत्री को * से दर्शाया है।

१. जवाहरलाल नेहरू : Bharat Ke Pratham Pradhan Mantri

› शासनकाल :- १५अगस्त १९४७ से २७ मई १९६४
› पार्टी :- इंडियन नॅशनल कोंग्रेस
› जन्म :- १४ नवेम्बर १८८९
› मृत्यु :- २७ मई १९६४

जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधान मंत्री थे। उनका जन्म १४ नवेम्बर १८८९ को उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद में हुआ था । नेहरू ने अपने शासनकाल के दौरान भारतीय योजना आयोग का गठन किया और पहली पंच वर्षीय योजना दी। उन्होंने उद्योगपतियों और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों पर बांध बनाने, गृह उद्योग, विज उत्पादन जैसे बड़े कामों को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम शुरू किए थे। नेहरु ने शिक्षा और सामाजिक सुधार, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जेसे कई कार्यों के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


२. गुलजारीलाल नंदा : 

› शासनकाल :- २७ मई १९६४ से ९ जून १९६४
› पार्टी :- इंडियन नॅशनल कोंग्रेस
› जन्म :- ४ जुलाई १८९८
› मृत्यु :- १५ जनवरी १९९८

गुलझारीलाल नंदा का जन्म ४ जुलाई, १८९८ को सियालकोट, पंजाब, पाकिस्तान में हुआ था। १९६४ में जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद गुलझारीलाल को कार्यकारी प्रधान मंत्री नियुक्त किया गया। वह एक अर्थशास्त्री और एक विश्वविद्यालय के प्राध्यापक भी रह चुके थे। गुलझारीलाल नंदा को भारत रत्न और पद्मविभूषण पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था।


३. लालबहादुर शास्त्री :

› शासनकाल :- ९ जून १९६४ से ११ मई १९६६
› पार्टी :- इंडियन नॅशनल कोंग्रेस
› जन्म :- २ अक्टूबर १९०४
› मृत्यु :- ११ जनवरी  १९६६

लालबहादुर शास्त्री का जन्म उत्तरप्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता एक शिक्षक थे, भारत स्वतंत्र हो जाने के बाद शास्त्री को उत्तर प्रदेश के संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। परिवहन मंत्री के रूप में उसने पहली बार एक महिला को बस कंडक्टर के रूप में नियुक्त किया था। जवाहर लाल नेहरु की मृत्यु के बाद शास्त्री को ९ जून को प्रधान मंत्री पद सोंपा गया था। साथ ही उन्हें १९६६ में भारत रत्न से सम्मानित भी किया गया था। शास्त्री को उनके देशभक्ति और ईमानदारी के लिए संपूर्ण देश याद करता हैं।


४*. गुलजारीलाल नंदा :

› शासनकाल :- ११ जनवरी १९६६ से २४ जनवरी १९६६

लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद गुलझरिलाल नंदा को फिर से कार्यकारी प्रधान मंत्री पद पर नियुक्त किया।

 


५. इन्दिरा गान्धी :

› शासनकाल :- २४ जनवरी १९६६ से २४ मार्च १९७७
› पार्टी :- इंडियन नॅशनल कोंग्रेस
› जन्म :- १९ दिसंबर १९१७
› मृत्यु :- ३१ अक्टूबर १९८४

इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी (नेहरू) जवाहरलाल नहेरु की बेटी थी। उनकी शादी फ़िरोज गांधी के साथ हुई थी। इंदिरा गांधी भारत की अब तक पहली महिला प्रधान मंत्री हैं। इंदिरा गांधी ने १९६९ में बैंकिंग का राष्ट्रीयकरण किया। जब पाकिस्तानी त्रास १0 लाख लोग भारत में दौड़े आए थे, तब इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी थी। प्रधान मंत्री के रूप में बहुत सारे छोटे-बड़े कामों में उनका बड़ा योगदान रहा है।


६. मोरारजी देसाई :

› शासनकाल :- २४ मार्च १९७७ से २८ जुलाई १९७९
› पार्टी :- जनता पार्टी
› जन्म :- २९ फरवरी १८९६
› मृत्यु :- १० अप्रैल १९९५

मोरारजी देसाई का जन्म गुजरात, वलसाड, भदेली में हुआ था। स्नातक की परीक्षा पास करके उसने नायब कलेक्टर का कर्तव्य निभाया, फिर उन्होंने आजादी की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान दिया। उन्होंने वित्त मंत्री और गृह मंत्री के रूप में भी अपना फर्ज अदा किया। वह १९७७ के आम चुनाव में भारी बहुमत से जीतने के बाद प्रधान मंत्री बने। प्रधान मंत्री के रूप में देश को आगे लाने के लिए उन्होंने अच्छा योगदान दिया।


७. चरण सिंह चौधरी :

› शासनकाल :- २८ जुलाई १९७९ से १४ जनवरी १९८०
› पार्टी :- जनता पार्टी
› जन्म :- २३ दिसंबर १९०२
› मृत्यु :- १९ मई १९८७

चरण सिंह का जन्म नूरपुर उत्तर प्रदेश में हुआ था। जब मोरारजी देसाई ने प्रधान मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, तब कांग्रेस ने चरण सिंह को समर्थन दे कर प्रधान मंत्री के रूप में घोषित किया। कुछ ही समय में कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया था।


८*. इन्दिरा गान्धी :

› शासनकाल :- १५ जनवरी १९८० से ३१ अक्टूबर १९८४
› पार्टी :- इंडियन नॅशनल कोंग्रेस

जनता पार्टी के कमज़ोर होने के कारण कांग्रेस फिर से शासन में आया और इंदिरा गांधी फिर से प्रधान मंत्री  बने। लगभग 4 साल के इंदिरा गांधी के शासन के बाद, उनके हीअंगरक्षक ने उसकी गोली मार हत्या कर दी थी।

 


९. राजीव गान्धी :

› शासनकाल :- ३१ अक्टूबर १९८४ से २ दिसंबर १९८९
› पार्टी :- कोंग्रेस आई
› जन्म :- २० अगस्त १९४४
› मृत्यु :- २१ मई १९९१

राजीव गांधी का जन्म मुंबई में हुआ था। वह इंडियन एयरलाइंस में पायलट भी बने थे। राजीव गांधी अपनी मां की हत्या के बाद, प्रधान मंत्री और कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष बने थे। 40 साल की उम्र में, भारत के सबसे कम उम्र के युवा प्रधान मंत्री जंगी बहुमती से चुने गये थे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया। राजीव गांधी एक लोकप्रिय नेता के रूप में जाने जाते थे।


१०. विश्वनाथ प्रताप (VP) सिंह :

› शासनकाल :- २ दिसंबर १९८९ से १० नवंबर १९९०
› पार्टी :- जनता दल
› जन्म :- २५ जून १९३१
› मृत्यु :- २७ नवंबर २००८

वी.पी. सिंह का जन्म इलाहाबाद में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कारोबारी पद पर, लोकसभा के सदस्य के रूप में, वित्त मंत्री के रूप में और मुख्य मंत्री के रूप भी अपना कर्तव्य निभाया। वी पी सिंह ने भारत देश को आगे बढ़ाने और उतरा प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए अपना बड़ा योगदान दिया है।


११. चंद्रशेखर :

› शासनकाल :- १० नवंबर १९९० से २१ जून १९९१
› पार्टी :- जनता दल
› जन्म :- १ जुलाई १९२७
› मृत्यु :- ८ जुलाई २००७

चन्द्र शेखर का जन्म राजपूत परिवार में उतरप्रदेश के बीलिया जिले के इब्राहीमपती में हुआ था। वे पहले कांग्रेस के साथ जुड़े हुए थे, उसके बाद वह जनता दल में शामिल हो गए थे। राजीव गांधीने उन्हें प्रधान मंत्री बनने के लिए प्रेरित किया था। माननीय चंद्र शेखर जी ने प्रधान मंत्री पद पर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


१२. पी वी नरसिंह राव :

› शासनकाल :- २१ जून १९९१ से १६ मई १९९६
› पार्टी :- इंडियन नॅशनल कोंग्रेस
› जन्म :- २८ जून १९२१
› मृत्यु :- २३ दिसंबर २००४

पी वी नरसिंह राव का जन्म तेलंगाना के वाँगरा में हुआ था। वे आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री(CM) भी रह चुके थे। नरसिंह राव क्रांतिकारी नेताओं के रूप में कांग्रेस के साथ जुड़े हुए थे।


१३. अटल बिहारी वाजपेयी :

› शासनकाल :- १६ मई १९९६ से १ जून १९९६
› पार्टी :- भारतीय जनता पार्टी
› जन्म :- २५ दिसंबर १९२४

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म गवाल्यर के सामान्य ब्राह्मण परिवार हुआ था। वे अच्छे पत्रकार और कवि भी हैं, भारतीय जनता पार्टी और देश को सुधारने में उन्होंने बहुत बड़ा योगदान दिया। वे 14 दिन तक ही प्रधान मंत्री पद पर रहें । वाजपेयी ने भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाई । उन्हें भारत रत्न, पद्मविभूषण जैसे कई पुरस्कार दिए गए है।


१४. एच डी देवगौड़ा :

› शासनकाल :- १ जून १९९६ से २१ मार्च १९९७
› पार्टी :- जनता दल
› जन्म :- १८ मई १९३३

एच डी देवेगौडा का जन्म कर्णाटक में हुआ था। एक तरफ भाजपा पार्टी मजबूत हो रही थी, उस समय में वह प्रधान मंत्री पद पर आये थे। उन्होने पहले कांग्रेस पार्टी से अपनी राजनीति प्रारंभ कि थी, बाद वे जनता दल के साथ जुड़े हुए थे।


१५. इंद्रकुमार गुज़राल :

› शासनकाल :- २१ मार्च १९९७ से १९ मार्च १९९८
› पार्टी :- जनता दल
› जन्म :- ४ दिसंबर १९१९
› मृत्यु :- ३० नवंबर २०१२

इंद्रकुमार का जन्म जहेलूम नगर (पाकिस्तान) में हुआ था। वे क्रांतिकारी और ईमानदार व्यक्ति के रूप में जाने जाते है, जिन्होंने मंत्रीमंडल में विभिन्न पद पर काम किया था। विदेश मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, प्रसारण मंत्री के रूप में भी अपना कर्तव्य निभाया।


१६*. अटल बिहारी वाजपेयी :

› शासनकाल :- १९ मार्च १९९८ से २२ मई २००४
› पार्टी :- भारतीय जनता पार्टी
› जन्म :- २५ दिसंबर १९२४

अटल बिहारी वाजपेयी दूसरी बार भाजपा नेता के रूप में प्रधान मंत्री के पद पर आए। उन्होंने प्रधान मंत्री पद पर पुरी ईमानदारी और निष्ठा पूर्वक कार्य किया ।


१७. मनमोहन सिंह :

› शासनकाल :- २२ मई २००४ से २६ मई २०१४
› पार्टी :- इंडियन नॅशनल कोंग्रेस
› जन्म :- २६ सितंबर १९३२

ડૉ। मनमोहनसिंह का जन्म पाकिस्तान के पंजाब के गाह में हुआ था, वे अर्थशास्त्री के रूप में काम पर थे। वह प्रधान मंत्री पद से पहले भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, योजना आयुक्त उप-प्रधान मंत्री, वित्त मंत्री, अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष और एशियाई विकास बैंक जैसे कई पद पर काम कर चुके थे। डॉ. मनमोहन सिंह को पद्मविभूषण और कई अन्य एवॉड्स भी दिए गए हैं।


१८. नरेन्द्र मोदी :

› शासनकाल :- २६ मई २०१४ से अभी तक 
› पार्टी :- भारतीय जनता पार्टी
› जन्म :- १७ सितंबर १९५०

नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के अहमदाबाद जिल्ले के वडनगर गांव में हुआ है। उन्होनें राजनीति के शुरूआत में गुजरात में की, गुजरात में वह भारी बहुमत से लगातार 3 बार मुख्यमंत्री बने और गुजरात को कई क्षेत्रों में देश का नंबर 1 राज्य बनाया था। जिससे भारत के ज्यादातर लोग उनके प्रति आकर्षित हुए। प्रधान मंत्री बनने के बाद उन्होंने नॉटबंदी, जीएसटी जैसे कई अन्य कठिन और महत्वपूर्ण निर्णय लीये। नरेंद्र मोदी इस समय (जनवरी 2018) दुनिया के तीसरे सबसे शक्तिशाली नेता माने जाते है।


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