Poems & Story

धरती पर किसी भी वस्तु का जन्म उसकी मृत्यु और विनाश का कारण है

मेरे ख़ुदा मुझे पता नहीं कब नई कायनात का आगाज़ हो,
मौत तो पक्की है, जान जन्नत की परियां हों या जहन्नुम की आग हो।

इस धरती पर किसी भी वस्तु का जन्म उसकी मृत्यु और उसके विनाश का कारण है, चाहे वह निर्जीव हो या जीवित प्राणी। अब आप कहेंगे कि जब निर्जीव वस्तुओं में कोई जान ही नहीं होती, तो वे कैसे मर सकती हैं, परन्तु भले ही निर्जीव वस्तुओं में कोई जान नहीं होती , लेकिन वे नष्ट तो हो ही जाती हैं या हम उन्हें इस्तेमाल करने के बाद नष्ट कर देते हैं। उन्हें पूरी तरह से प्रयोग में लाने के बाद फेंक देना पड़ता है, भले ही वे आपका मोबाइल ही क्यों ना हो, अगर वह काम नहीं करता है, तो आप उसे सही करवा सकते हैं और अगर वह सही नहीं होता है तो आप उसे फेंक देते हैं। किसी व्यक्ति का शरीर, भी ऐसे ही होता है, अगर उसमें कोई समस्या आ गई है, जैसे कि कोई बीमारी या चोट लग जाती है, तो व्यक्ति को चिकित्सक से या अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है, अगर मरीज ठीक नहीं हुआ या मरीज की मृत्यु हो जाती है या चिकित्सक ये कह देता है कि इनका इलाज संभव नहीं है आप इन्हें घर ले जाएं और इनकी सेवा करें, हम शरीर को घर पर ही रखते हैं जब तक कि उसका शरीर कोई क्रिया कर रहा है, लेकिन जब उसका शरीर किसी प्रकार की किर्या करना बंद कर देता है तो हमें उसकी किर्या का प्रबंधन करना पड़ता है। हमारा मतलब है कि उसकी मृत्यु हो जाती है और उसको जला दिया जाता है या कह सकते हैं उसके शरीर को नष्ट कर दिया जाता है या दफ़ना दिया जाता है | इसी तरह जब तक आपका मोबाइल किसी तरह की किर्या करनी बंद नहीं कर देता आप उसको नहीं छोड़ते, क्योंकि आप उम्मीद करते हैं, कि इसे ठीक किया जा सकता है जैसे किसी रोगी को भी ठीक किया जा सकता है और जैसे ही आपका मोबाइल पूरी तरह ख़राब हो जाता है आप उसको फेंक देते हैं।

vastu mrtyu aur vinaas- जन्म उसकी मृत्यु और विनाशमौत सबकी होती है चाहे निर्जीव हो या जीव मगर, यहाँ मैं एक रोगी के मरने और एक मोबाइल के नष्ट होने या ख़राब होने की उदाहरण कोलेकर समझाना चाहता हूँ कि दोनों की मौत के बीच एक अंतर है जो कि भावनाओं का अंतर है क्योंकि आपका मोबाइल ख़राब हो जाए या चोरी हो जाए तो आप कुछ समय के लिए अकेला महसूस कर सकते हैं। शायद आप रो भीसकते हैं क्योंकि हो सकता है आपने वो मोबाइल अभी नया – नया ख़रीदा था , हो सकता है उस मोबाइल की मेमोरी मेंआपके कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ थे , हो सकता है कि आपके पास अब नया मोबाइल लेने के लिए पैसे ना हों, हो सकता है वो मोबाइल आपको किसी अपने ने उपहार स्वरूप दिया था | ऐसे बहुत सारे कारण हो सकते हैं। मगर यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि चाहे आप मोबाइल ख़राब होने पर कितना भी रोये हों , जितना मर्ज़ी दर्द आपने सहा हो ,मगर आपके मोबाइल को कोई दुःख नहीं हुआ , वो नहीं रोया, उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ा क्यूंकि उसके अंदर भावनाएं नहीं हैं। उसके अंदर इस तरह की कोई चीज़ नहीं है लेकिन जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, भले ही हमारा उससे कोई संबंध ना हो, भले ही वो हमारा दुश्मन हो , हम उसकी लाश को देखकर रोते ज़रूर हैं क्योंकि हमारे अंदर भावनाएं है, दुःख – दर्द महसूस करने की शक्ति है, या हमें उसकी लाश देखकर कोई अपना मरा हुआ याद आ जाता है, और यकीन मानकर चलिए कि जब उस अमुक व्यक्ति की मृत्यु हुई होगी वो भी रोया होगा, दर्द से चीखा होगा क्यूंकि वो भी हमारी तरह ही था उसके अंदर भी जान थी। इससे साबित होता है | इस धरती पर किसी भी वस्तु का जन्म उसकी मृत्यु और उसके विनाश का कारण है, चाहे वह निर्जीव हो या जीवित प्राणी।

Guest Post by: आपका यशु जान ( प्रसिद्द लेखक और असाधारण माहिर )yashu jaan Hindi poems writer
सम्पर्क : – 9115921994
यशु जान एक युवा कवि हैं और वे पंजाबी ,हिन्दी ,अंग्रेजी और उर्दू भाषा में कविताएँ , गीत , दोहे , शायरी , लेख इत्यादि लिखते हैं उनकी कविताएँ लिखने की शुरुआत बचपन में पंद्रह साल की उम्र में हो चुकी थी और उनकी एकपुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी है जो उत्तम ग़ज़लें और कविताएँ के नाम से है। उनको हर उम्र का व्यक्ति पढ़ता है ,उनकी कविताओं में समाज को सुधारने की और शिक्षा की ज़्यादा बात होती है और उनकी शायरी लगभग हर विषय पेहोती है | वे कवि शिव कुमार बटालवी अवतार सिंह संधू,पाश  से बहुत प्रभावित हैं और महान दार्शनिक सुकरात को भी पढ़ते हैं।

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