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डायबिटीज कंट्रोल करने के घरेलू उपाय – Diabetes Control Tips in hindi

Diabetes Control Tips

डायबिटीज (diabetes,मधुमेह ) को जड़ से ख़त्म करना लगभग नामुमकिन है। यदि आप चाहे तो नियमित दिनचर्या और सही खान-पान से डायबिटीज निश्चित रूप से कंट्रोल कर सकते हैं। पहले डायबिटीज की बीमारी बड़ी उम्र के लोगों को अपना शिकार बनाती थी लेकिन अब युवाओं की गलत दिनचर्या और खान पान के कारण ये बीमारी युवाओं और बच्चों में भी फेल रही है।

डायबिटीज (मधुमेह) होने के कारण

पेंक्रियाज ग्रंथी:

पेंक्रियाज ग्रंथी ठीक से काम न करने से या फिर पेंक्रियाज ग्रंथी का ख़राब होना डायबिटीज होने का सबसे बड़ा कारण है। हमारे शरीर मे मोजूद इंसुलिन की मदद से खून शरीर की कोशिकाओ को शुगर पहुंचाने का काम करता है। पेंक्रियाज ग्रंथी से हार्मोंस, इंसुलिन और ग्लूकान निकलते हैं। हमारे शरीर मे इंसुलिन बहुत ज्यादा जरुरी है। हालांकि डायबिटीज होने के और भी कई कारन है लेकिन पेंक्रियाज ग्रंथी इसका सबसे बड़ा कारण है।

रक्त में शुगर का अधिक होना

जब इंसुलिन सिस्टम सही तरह से काम नही करती तब जरुरत के मुताबिक शुगर कोशिकाओ तक नहीं पहुंच पाती जिसके कारण शुगर ब्लड में ही जमा होती है। शरीर मे शुगर की मात्र बढ़ जाती तब उसका निकाल पेशाब के जरिए होता है। इसी कारण डायबिटीज की बीमारी वाले लोगो को बार-बार पेशाब आता है।

अनुवांशिक

अनुवांशिक यानिकी यदि आपके परिवार के किसी सदस्य मां-बाप, दादा-दादी को डायबिटीज की बीमारी है तो भविष्य में आपको भी डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है।

डायबिटीज (शुगर) कम करने के घरेलू उपाय Diabetes Control Tips

जल्द जांच

डायबिटीज (शुगर) कम करने के घरेलू उपाय

डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पे अपना ब्लड शुगर लेवल जांचना चाहिए। यदि आपका ब्लड शुगर लेवल 70 से 130 mg/dL है तो वह नोर्मल है। और एक बात याद रखिए की कई लोगो को भोजन के बाद ब्लड शुगर लेवल 180 mg/dL आसपास तक हो जाता है तो वह चिंता की बात नहीं है, लेकिन यदि ब्लड शुगर लेवल 180 mg/dL से ज्यादा हो जाता है तो डॉक्टर की सलाह जरुरी है।

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डाइट चार्ट करें फॉलो

मरीजों को अपने शुगर लेवल के हिसाब से डाईट का एक सही चार्ट बनाकर उसे ही फॉलो करना चाहिए और कहीं भी कुछ भी खाने से बचना चाहिए। खास तौर पर जंक फूड से दूर ही रहना चाहिए क्योंकि इनमें कॉलेस्ट्रोल ज्यादा मात्रा में रहता है। डॉक्टर की सलाह से अपना डाइट प्लान बनाकर उसे ही फॉलो करें।

दालचीनी है लाभदायक

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के अध्ययन से सामने आया कि दालचीनी में कैल्शियम, मेंगनीज, पौलिफेनोल, आइरन, एंटीओक्सीडेंट और फ़ाइबर जैसे तत्व भरपूर मात्र में होते है। यदि रोजाना छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर का उपयोग चाय या फिर गरम पानी के साथ किया जाए तो ब्लड शुगर के मरीज का इंसुलिन लेवल भी कंट्रोल में रहता है, इस लिए दालचीनी डायबिटीज के मरीज के लिए उत्तम है।

मेथी दाना

कई तरह के अध्ययनों से यह बात स्पष्ट हुई है कि दाना-मेथी एक औषधीय हर्ब है। इसका उपयोग ब्लड शुगर को कम करने के लिए किया जा सकता है। इसमें पाया जाने वाला डाइटरी फाइबर भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है परंतु कई बार दानामेथी से पेट संबंधी समस्याएं जैसे गैस, डायरिया आदि हो सकती हैं। कुछ अध्ययनों से यह भी सामने आया है कि क्रोमियन सप्लीमेंट ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का काम करता है।

कार्बोहाइड्रेट फूड्स से रहें दूर

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए। उन्हें ऐसा भोजन खाना चाहिए जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो। दरअसल, कार्बोहाइड्रेट शरीर में जाकर ग्लूकोज में ब्रेक हो जाता है जिससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में डायबिटिक पेशेंट को जितना हो सके कार्बोहाइड्रेटिड फूड का सेवन कम करना चाहिए।

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हेल्दी डाइट

डायबिटीज (मधुमेह) में फाइबर युक्त चीजें

अपनी डाइट में फाइबर युक्त चीजें और ताजा सब्जियों को शामिल करें। सुबह के नाश्ते में हाई प्रोटीन वाली चीजों को शामिल करें, सुबह के नाश्ते में पोहा, दलिया या कोई अन्य हेल्दी डाईट ले सकते है। इसके अलावा रेड ग्रेपफ्रूट, बेरीज, अलसी के बीज, ब्रोकोली, ग्रीक दही, अंडे, अमरूद, होल ग्रेन्‍स और दालों का सेवन भी डायबिटीज मरीजों के लिए सही है। हाई फैट वाली चीजों से दूर रहना चाहिए ।

अदरक

सिडनी यूनिवर्सिटी के एक शोध में सामने आया है कि अदरक शरीर में शुगर अवशोषित करने में मदद करती है। इसीलिए डायबिटीज के मरीजों को अदरक का सेवन फायदेमंद माना गया है।

भरपूर पानी पिएं

शुगर को नेचुरली कंट्रोल करने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। स्टडी के मुताबिक, जो लोग सही मात्रा में पानी पीते हैं, उनमें डायबिटीज का खतरा बहुत कम होता है। डायबिटीज के मरीज में तरल पदार्थों की कमी हो जाती है और आप अधिक मात्रा में पानी पीकर उस कमी को पूरा कर सकते हैं। इससे आपकी त्वचा स्वस्थ रहेगी और साथ ही उसमें नमी भी बरकरार रहेगी।

हमेशा रहें तनावमुक्त

अगर आपको भी डायबिटीज है तो तनाव आपके लिए हानिकारक हो सकता है। तनाव से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन और कोर्टिसोल बनने लगते हैं, जिससे शुगर लेवल बढ़ जाता है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप रोजाना योग, ध्यान और व्यायाम से तनाव को खुद से दूर रखें।

अच्छी नींद

यदि आप ठीक तरह से सो नहीं पाते तो उसका सीधा असर शुगर लेवल पर पड़ता है। साथ ही इससे वजन भी बढ़ने लगता है इसलिए डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अच्छी और गहरी नींद लेनी चाहिए।

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ग्रीन टी

रोजाना बिना शक्कर वाली ग्रीन टी पीने से भी फायदा मिलता है क्योंकि ग्रीन टी में एंटी ऑक्‍सीडेंट होता है जो कि शरीर में फ्रीरैडिकल्‍स से लड़ता है और ब्‍लड शुगर लेवल को मेंटेन रखता है।

नियमित व्यायाम और योग करें

व्यायाम और योग

आपको दिन में कम से कम तीस मिनट व्यायाम करना चाहिए। आप चाहें तो इसे दिन भर में 10-10 मिनट के तीन हिस्सों में बांटकर भी कर सकते हैं। सबसे अच्छा यह रहेगा कि सुबह 10 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। दोपहर के भोजन के बाद दस मिनट की तेज चलने जाए। और शाम को किसी नेचरल जगह पे आराम से घुमने जाए। स्ट्रेंथ और कार्डियो एक्सरसाइज का मेल आपके शरीर में ब्ल्ड शुगर के स्‍तर को नियंत्रित रखने में काफी मददगार साबित होगा। इसके साथ इससे आपका दिल भी तंदुरुस्त रहेगा।

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए यह सबसे बेहतर ऑप्शन्स है लेकिन अपनी डाइट और दिनचर्या में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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