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आईआईटी (IIT) क्या है और इसकी तैयारी कैसे करें?

हर साल पूरे देश में लाखों छात्र एक एग्जाम की तैयारी करते हैं, जो भारत में सबसे कठिन माना जाता है. आपने इस एग्जाम का नाम जरूर सुना होगा की आईआईटी (IIT) क्या है और यह कितने साल का कोर्स है. भारत में सबसे अधिक मान्यता प्राप्त परीक्षा है, जिसकी तैयारी स्टूडेंट की बहुत ही जी दौड़ मेहनत के साथ करते हैं, ताकि उनका एग्जाम क्लियर हो जाए और उनको आईआईटी में एडमिशन मिल जाए. आखिर आईआईटी में ऐसा क्या है, कि सभी इसके लिए परेशान होते हैं. आईआईटी (IIT) करने से क्या होता है, इस तरह के कई सवाल हर उस इंसान को परेशान करता है. 

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जो लोग IIT बारे में जो भी सुनते है, वह पता लगाना शुरू कर देते हैं की आईआईटी करने के लिए क्या करना चाहिए और फिर इसके पीछे हर जानकारी लेने के लिए पड़ जाते हैं. इस पोस्ट में हम इसी कोर्ट को लेकर आपको पूरी जानकारी देने जा रहे हैं. साथी आपको यह पता चल जाए कि आईआईटी (IIT) का फुल फॉर्म क्या होता है.

आईआईटी क्या है? (What is IIT?)

आईआईटी भारत में हाई क्वालिटी वाले वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और टेक्नोलॉजिस्ट को तैयार करने वाला  एजुकेशनल इंस्टीट्यूट का एक ग्रुप है, जो भारतीय सरकार द्वारा संचालित है. राष्ट्रीय महत्व के इंस्टिट्यूशन के रूप में नामित आईआईटी को देश के भीतर इंजीनियरिंग प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में और अधिक विकसित होने के लिए स्थापित किया गया था. आईटी एक्ट 1961 के अनुसार सभी आईआईटी इंस्टीट्यूट खुद के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा ऑटोनॉमस है.

आईआईटी खड़गपुर देश का पहला संस्थान था और यह 1951 में स्थापित किया गया. इसके बाद 1958 में आईआईटी बॉम्बे और फिर 1959 में आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर की स्थापना की गई. इसी तरह एक-एक कर आईआईटी (IIT) का निर्माण साल दर साल किया गया. 2011 में आईआईटी अधिनियम के अनुसार यह निर्णय लिया गया कि और अधिक आईआईटी का निर्माण करते समय जोड़ा जाएगा.

2013 के शैक्षणिक वर्ष के अनुसार इन संस्थानों में एडमिशन 1 एग्जाम के द्वारा लिया जाता है, जो दो चरणों में आयोजित किया जाता है. आईआईटी जेईई मेन आईआईटी जेईई एडवांस वह दो चरण है, जिस पर हर कैंडिडेट को गुजारना पड़ता है. हर लेवल में एलिमिनेशन प्रोसेस करके कैंडिडेट्स की छटाई की जाती है.

आईआईटी के अंतर्गत विद्यार्थियों को बी टेक का कोर्स कराया जाता है. जिसमें कई तरह के ब्रांच होते हैं जैसे मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, सिविल इत्यादि.

IIT का फुल फॉर्म क्या है? (Full Form of IIT)

Indian Institute of Technology

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Hindi)

आईआईटी एग्जाम पैटर्न और शैक्षणिक योग्यता

इसके बारे में मैं आपको पहले बताया था कि आईआईटी का एग्जाम दो चरण में लिया जाता है. जो इस प्रकार है.

1.Main Exam

2.Advance Exam

इस संस्थान में पढ़ाई करने के लिए प्रवेश पाने के लिए सबसे पहले इस के फॉर्म को फिल अप करना पड़ता है. फिर बारी आती है मेंस एग्जाम की. जो लोग मेंस का एग्जाम क्लियर कर लेते हैं उन्हें जी एडवांस एग्जाम में बैठने का मौका मिल दिया जाता है.

जब कैंडिडेट एडवांस के एग्जाम भी क्लियर कर लेता है तो फिर उसकी काउंसलिंग होती है, जहां से उसे आईआईटी के किसी संस्थान में एडमिशन मिल जाता है और उसे पढ़ाई करने का मौका मिलता है. इस प्रकार उसे बीटेक में शिक्षा मिलती है जोकि ग्रेजुएशन लेवल का कोर्स है.

आईआईटी प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए कैंडिडेट का 12वीं में होना जरूरी है. इसके लिए कैंडिडेट को 10+2 साइंस स्ट्रीम के साथ में लेना जरूरी होता है जिसमें फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ का होना भी अनिवार्य है. इसके अलावा कैंडिडेट का 10वीं और 12वीं का एग्जाम में 60% के ऊपर नंबर लाना भी जरूरी है. अगर कोई बच्चा 12वीं में अभी पढ़ रहा है वह भी इस के फॉर्म को भर सकता है और एक ही साल में अपनी 12वीं का एग्जाम और आईआईटी एंट्रेंस का भी एग्जाम लिख सकता है. अगर बच्चे किसी तरह से आईआईटी का एग्जाम क्लियर कर लेता है और 12वीं में उसका 60% से कम होता है तो भी उसे एडमिशन नहीं मिलता.

आईआईटी (IIT) की तैयारी कैसे करें?

जैसे कि मैंने आपको पहले ही बताया है कि यह भारत का सबसे कठिन एग्जाम है, जो या तो बहुत मेहनती स्टूडेंट या फिर बहुत दिमाग के बहुत तेज स्टूडेंट ही पास कर पाते हैं. इसके लिए सिर्फ दिमाग का तेज होना ही काफी नहीं है बल्कि स्टूडेंट का हार्ड वर्किंग स्मार्ट वर्किंग भी होना जरूरी है.

लेकिन अगर कोई एवरेज बच्चा भी इसकी तैयारी स्मार्ट तरीके से करता है, तो वह भी इस एग्जाम को क्लियर कर सकता है और ऐसे बहुत सारे एग्जांपल हर साल हमें मिलते हैं, जहां से हमें पता चलता है कि बहुत सारे ऐसे बच्चे भी इस एग्जाम को क्लियर कर लेते हैं जो पढ़ाई में नार्मल होते हैं. तो इसकी तैयारी कैसे करें कि एग्जाम क्लियर हो जाए चलिए जानते हैं.

टाइम टेबल बनाना

एक बार तो सबसे महत्वपूर्ण यह है, कि इंसान चाहे किसी भी फील्ड में हो उसे टाइम मैनेजमेंट जरूर आना चाहिए. डिसिप्लिन में इसका काफी महत्व है क्योंकि जो समय के अनुसार अपने सरकारों को करते हैं, उन्हें सफलता में जरूर मिलती है. इसे जो बच्चा आईआईटी की तैयारी करना चाहते हैं सबसे पहले वह अपनी पढ़ाई के लिए एक टाइम टेबल तैयार करें जिसमें वह अपने हर विषय को डाले जिसकी वह तैयारी कर रहे हैं. विषय पर अपने स्टैंड के अनुसार समय दें और पढ़ाई करें. 

कोचिंग क्लास ज्वाइन करें

इस एंट्रेंस की तैयारी करने के लिए आपको एक अच्छे संस्थान को जरूर ज्वाइन करना चाहिए जहां पर इसकी तैयारी कराई जाती है. हर साल लाखों बच्चे ऐसे इंस्टीट्यूट को ज्वाइन करते हैं, जहां पर की आईआईटी के सिलेबस के अनुसार सवाल पूछे जाते हैं, उन्हीं के आधार पर इनमें तैयारी कराई जाती है. कम से कम आपको फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ का क्लास जरूर करना चाहिए. 

टेस्ट जरूर ज्वाइन करें

अलग-अलग संस्थाएं जो जेईई की तैयारी करवाते हैं, वही एग्जाम से पहले उसी के लेवल का टेस्ट लेते हैं जिन में बैठकर आप अपने आप को चेक कर सकते हैं कि आपकी तैयारी कितनी है. समय रहते आप अपने लेवल को बढ़ा सकते हैं और मेहनत करके मैच करा सकते हैं. यह टेस्ट काफी हार्ड होते हैं बिल्कुल एग्जाम की ही तरह अगर आप इस टेस्ट में बैठते हैं तो आपको इससे काफी फायदा मिलता है. 

पिछले सालों के क्वेश्चन बैंक फॉलो करें

आईआईटी में हर साल जो भी सवाल पूछे जाते हैं, अपुन का क्वेश्चन बैंक इकट्ठा कर सकते हैं. क्वेश्चन बैंक को फॉलो करके प्रैक्टिस कर सकते हैं क्योंकि हर साल क्वेश्चन तो अलग ही आते हैं लेकिन आपको एक आइडिया मिल जाता है कि इस एंट्रेंस एग्जाम में किस तरह से सवाल पूछे जाते हैं, इसे सॉल्व करने पर आपको काफी कॉन्फिडेंस को मिलता है.

आईआईटी (IIT) में पढ़ाई करने के फायदे 

यह एक बहुत ही रिपीटेड संस्थान है जहां से पढ़ाई करके निकलना हर इंजीनियरिंग का छात्र चाहता है, इंजीनियरिंग करने का जहां भी नाम आता है, वहां पर पहला नाम इस संस्थान का आता है. चलिए जानते हैं आईआईटी से इंजीनियरिंग करने के क्या फायदे हैं.

हाई लेवल एजुकेशन 

इस संस्थान के सबसे बड़ी खासियत यह है, कि यहां पर पढ़ाने वाला हर प्रोफेसर बहुत अच्छी नॉलेज रखने वाले होते हैं, जो कि आने वाले स्टूडेंट्स को काफी अच्छी शिक्षा देते हैं.

नौकरी मिलना आसान होता है

जल संस्थान से पढ़ाई करते हैं और उन्हें नौकरी मिलने में बिल्कुल परेशान नहीं होती है. बड़ी बड़ी कंपनी खुद चाहती हैं कि वह iitian को काम पर रखें जो कि बहुत कम नंबर में होते हैं. इसीलिए प्लेसमेंट के मामले में भी आईआईटी बाकी सभी संस्थानों से काफी आगे हैं.

हाई पैकेज सैलेरी 

जो भी इस संस्थान से पढ़ाई करके निकलते हैं, उनका ऑन केंपस सिलेक्शन होता है और जहां से कि विदेशी कंपनियां छात्रों को नौकरी देने के लिए खुद ही कैंपस में रिक्रूटमेंट करने जाती हैं. कंपनियां बाहर क्यों होती हैं इसीलिए काफी अच्छी सैलरी के साथ उनको जॉब का ऑफर देती हैं. यहां तक की सालाना लगभग 90 लाख तक का पैकेज आईआईटी स्टूडेंट को मिल चुका है.

निष्कर्ष 

पढ़ाई तो बस तरह की होती है, लेकिन जो बच्चा आईआईटी (IIT) के लिए क्वालीफाई कर जाता है, उसकी सोसाइटी में अलग इज्जत होती है. उसके नाम के साथ ही आईआईटीयंस जोड़ दिया जाता है और यह बहुत ही गर्व की बात होती है. आज के पोस्ट में हमने बात किया कि आईआईटी क्या है, और इसकी तैयारी कैसे करते हैं. हमारे भारत में भी बहुत अच्छे इंजीनियर बनाए जाते हैं, उनमें सबसे पहला नाम इसी संस्थान का आता है. इसके अलावा अपने इस पोस्ट में यह जाना कि इस का फुल फॉर्म क्या होता है.

यह एक गेस्ट पोस्ट है, जोकि wtechni.com वेबसाइट के फाउंडर वसीम अकरम द्वारा लिखी गई है, जिन्हें टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारी अपने ब्लॉग के माध्यम से शेयर करना काफी पसंद है. साथ ही किसी प्रकार की टेक्निकल समस्या के लिए आप उनसे सवाल पूछ सकते हैं जिनका जवाब आपको जल्द से जल्द देने की कोशिश करेंगे. हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह पोस्ट जरूर अच्छी लगी होगी अगर आपको अच्छी लगी हो तो इसे सोशल मीडिया में अधिक से अधिक शेयर करें

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