स्वास्थ्य

Vitamin B12 के लक्षण, स्रोत और बिना दवाइयों का घरेलू उपचार – Vitamin B12 in Hindi 2019

Vitamin B12: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आपने शरीर मे विटामिन B12 होना अति आवश्यक हैं। शरीर को ज्यादातर आवश्यक विटामिन तत्वों आहार के मिल जाते है। एक विटामिन बी १२ ऐसा विटामिन है जो आपने रोजिंदा आहार बहुत कम मात्र मे होता है और इस Vit B12 की सही मात्रा हमारे शरीर और हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरुरी है। और इस विटामिन की कमी ज्यादातर भारतीयों मे पाई गई है। V- B12 को Cobalamin भी कहा जाता हैं। यह मात्रा एक ऐसा vitamin है जिसमे Cobalt नाम का धातु पाया जाता हैं। Cobalt धातु हमारे शरीर का स्वास्थ्य के लिए बेहद जरुरी हैं। बी12 विटामिन और अन्य प्रकार के विटामिन मे यह अंतर हे की अन्य प्रकार के विटामिन हमारे शरीर में जमा नहीं होते जबकि विटामिन बी12 हमारे लिवर में जमा होता है।

अगर हमारे शरीर मे बी 12 विटामिन की मात्रा बढ़ जाती है तो आपना शरीर इसे आसानी से निकाल देता है। ज्यादातर भारतीयों के शरीर मे विटामिन B12 कम ही पाया जाती है। जब शरीर मे इस vitamin की कमी ज्यादा हो जाती है तब एनीमिया जैसी बीमारी हो सकती है और हमारी तंत्रिकाओं नुकशान होने का खतरा बढ़ सकता है।

➾ विटामिन बी12 के फायदे – Benefits of Vitamin B12 in Hindi

  • विटामिन बी12 के सेवन से लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood cells) बढ़ती हैं।
  • हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है। शरीर को थकान से दूर रखता है।
  • हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को मेंटेन रखने मे मदद करता है।
  • जिन लोगों को कर्करोग और अल्जाइमर(Alzheimer’s) रोग है, उस लोगों के लिए vitamin B12 बहुत फायदेमंद रहेता है।
  • अगर हमारे शरीर मे बी 12 विटामिन की मात्रा सही रहतीं है तो ब्रैस्ट कैंसर और कुछ अन्य प्रकार के कैंसर होने की सम्भावना बहुत कम हो जाती है।
  • विटामिन B12 की सही मात्रा से आपने शरीर मे उर्जा रहती है और बुढापा जल्दी नहीं आता।
  • पुरुष मे शुक्राणु की कमी को दूर करने में विटामिन बी12 फायदेमंद होता है।
  • विटामिन B12 की सही मात्रा से शरीर की रोग प्रतिकार शक्ति बढती है और शरीर मे तनाव नहीं रहता।
  • बी12 विटामिन सही मात्र होने से ह्रदय रोग की बीमारी होने की सम्भावना कम हो जाती है।
  • यदि आपकी त्वचा की रंगत बिगड़ गयी है या फिर त्वचा क्षतिग्रस्त हो गई है तो विटामिन B12 त्वचा सही करने मे मदद करता है।
  • विटामिन B12 की सही मात्रा बाल (Hair) झड़ने से रोकने मे और बाल को घने और लम्बे बनाने मे मदद करता हैं।

➾ विटामिन B12 की कमी के लक्षण Vitamin B12 ki kami ke lakshan

Vitamin B12 ki kami ke lakshan

यदि हमारे शरीर मे विटामिन B12 की कमी होंगी तो कमजोरी, जल्दी थक जाना, आलस आना, रक्त की कमी, पाचन शक्ति कमजोर होना, भूंक कम लगना, सर मे दर्द होना, हाथ और पैर में झुनझुनी होना, कान में घंटी बजने जैसी आवाज आना, त्वचा में पीलापन, हदय की धड़कन तेज होना, मुंह में छाले पड़ना, याददाश मे कमी आना, देखने मे (आँखों) में कमजोरी, अवसाद, चिडचिडापन, भ्रम, अनियमित मासिक आना , रोग प्रतिकार शक्ति मे कमी आना जैसे लक्षण दिखाय देंगे, इन सभी लक्षण के जरिये हमें पता चलेगा की हमारे शरीर मे विटामिन B12 की मात्रा कम है।

➾ विटामिन बी12 के स्रोत (विटामिन बी 12 खाद्य पदार्थ) – Sources (Foods List) of Vitamin B12 in Hindi

यदि आप दवाइयों के बिना ही Vitamin B12 की कमी को दूर करना चाहते हो तो निचे बताई गई सभी चीजो का सेवन करिये।

V B12 Food Fish meat chicken eggs milk

मछली (shellfish), मांस, चिकन, अंडे और दूध विटामिन बी12 के लिए सबसे अच्छे स्रोत है इसके आलावा पशु उत्पादों यानिकी डेयरी उत्पादन में विटामिन बी12 पाया जाता है। मुख्य रूप से पशु-आधारित फूड्स में विटामिन बी12 पाया जाता है। सब्जी, शाकाहारि आहार, वनस्पति जैसे शाकाहारि सीजो मे Vitamin B12 बहुत कम मात्रा मे पाया जाता है। इसलिए शाकाहारि लोगो मे Vitamin B12 की कमी अबसे अधिक होती है।

vitamin b12 food

डेयरी उत्पादन की बात करे तो 250ML. दूध (milk) में विटामिन बी12 के लगभग 1.2-1.4 माइक्रोग्राम (Microgram) पाया जाता हैं। और 50 ग्राम चीज़ (Cheese) में लगभग 1.7 माइक्रोग्राम (Microgram) विटामिन बी12 पाया जाता है। शाकाहारि भोजन लेने वाले लोगो के विटामिन बी12 के लिए मलाईदार दूध (milk), दही (curd), चीज़ (Cheese) औरसोया प्रोडक्‍ट यानि की सोया बिज,सोया मिल्क (Soy milk) सबसे अच्छा विकल्प हैं।

➾ विटामिन बी12 का प्रमाण कितना होना चिहिए Vitamin b12 kitna hona chahiye

उम्र के हिसाब से विटामिन बी12 रोज़ाना कितना लेना चिहिए उसकी माहिती निचे दी गई है।

  • जन्म से 6 महीने के बच्चे = 0.4 माइक्रोग्राम
  • 7 से 12 महीने के बच्चे = 0.5 माइक्रोग्राम
  • 1 से 3 साल के बच्चों को = 0.9 माइक्रोग्राम
  • 4 से 8 साल के बच्चों को = 1.2 माइक्रोग्राम
  • 9 से 13 साल के बच्चों को = 1.8 माइक्रोग्राम
  • 14 साल से ज्यादा उम्र= 2.4 माइक्रोग्राम
  • गर्भवती महिला= 2.6 माइक्रोग्राम
  • स्तनपान कराने वाली महिला = 2.8 माइक्रोग्राम

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